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विश्व योगासन चैंपियनशिप में आचार्यकुलम् का दमदार प्रदर्शन, विद्यार्थियों ने जीते स्वर्ण पदक।
उल्लेखनीय है कि आचार्यकुलम् , हरिद्वार ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित द एरीना बाय ट्रांस स्टेडिया में 4 से 8 जून 2026 तक आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारतीय योगासन टीम की ओर से ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया। प्रतियोगिता में 78 देशों के लगभग 600 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जबकि भारत की 122 सदस्यीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक अपने नाम किए, जिनमें 102 स्वर्ण, 9 रजत एवं 3 कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व सफलता ने योगासन खेल में भारत की श्रेष्ठता को पुनः सिद्ध किया।
भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा सभी खिलाडियों तथा देशवासियों को योग के प्रति प्रोत्साहित किया|
प्रतियोगिता का शुभारम्भ परमपूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज, गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल, साध्वी देवप्रिया जी तथा श्री राकेश मित्तल जी सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
उद्घाटन के अवसर पर स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि-योगासन केवल एक खेल नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन का आधार है, जो मानवता के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
प्रतियोगिता में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आचार्यकुलम् के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। सब जूनियर वर्ग में अथर्व सिंह नेगी ने हैंड बैलेंसिंग एवं ट्रेडिशनल योगासन ग्रुप स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इसी क्रम में बालिका वर्ग में अलका शर्मा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि जूनियर बालिका वर्ग में यति यश्वी ने भी स्वर्ण पदक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने न केवल आचार्यकुलम् बल्कि उत्तराखण्ड सहित पूरे देश को गौरवान्वित किया। भारतीय टीम की इस सफलता में आचार्यकुलम्, हरिद्वार, योगासन एसोसिएशन तथा पतंजलि योगपीठ से जुड़े प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के समर्पण, अनुशासन एवं निरंतर परिश्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न आयु वर्गों में आयोजित स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने योगासन की तकनीकी दक्षता, संतुलन, लचीलापन और अनुशासन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की प्रतिभा और समर्पण ने दर्शकों एवं निर्णायकों को प्रभावित किया।
इस अवसर पर विश्व योगासन महासंघ एवं भारत योगासन के महासचिव डॉ. जयदीप आर्य ने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन यह सिद्ध करता है कि योगासन खेल के क्षेत्र में भारत विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। उन्होंने विशेष रूप से आचार्यकुलम् एवं पतंजलि से जुड़े खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों ने भारतीय टीम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समापन के अवसर पर स्वामी रामदेव जी महाराज ने आचार्यकुलम् के विद्यार्थियों की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी भविष्य में भारत को योग के क्षेत्र में विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आचार्य बालकृष्ण जी ने भी सभी विजेता खिलाड़ियों को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह सफलता पतंजलि योगपीठ तथा आचार्यकुलम् की उत्कृष्ट योग एवं खेल परंपरा, अनुशासित प्रशिक्षण और विद्यार्थियों की कठोर मेहनत का परिणाम है।
आचार्यकुलम् की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय की वाइस चेयरपर्सन डॉ. ऋतंभरा जी ने शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी संस्थान के विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-प्रदेश और आचार्यकुलम् का नाम रोशन करते रहेंगे।
प्रधानाचार्या श्रीमती स्वाति मुंशी जी, उप-प्रधानाचार्य श्री तापस कुमार बेरा जी, समन्वयिका श्रीमती दीपा देवी जी, खेल विभागाध्यक्ष श्री अमित दानी जी तथा समस्त आचार्यों ने विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई दी।