Home > Coordinator

पतंजलि योगपीठ, परम पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में स्थापित, भारत की प्राचीन सनातन परंपराओं को आधुनिक युग के अनुरूप पुनर्जीवित करने का एक महान अभियान है। पतंजलि का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संवर्धन तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा,योग, और आयुर्वेद के माध्यम से भारत को विश्वगुरु बनाने” का संकल्प है।

इसी महान उद्देश्य की पूर्ति हेतु पतंजलि परिवार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी नये आयाम स्थापित किए हैं — जिनमें प्रमुख हैं आचार्यकुलम् एवं Patanjali Career Academy (PCA)।

आचार्यकुलम् — आधुनिकता के साथ वैदिक का संगम

आचार्यकुलम् में शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जीवन निर्माण का आधार है। यहाँ विद्यार्थियों को वैदिक सनातन संस्कृति, संस्कृत भाषा, और आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी ज्ञान — तीनों का संगठित प्रशिक्षण दिया जाता है। आचार्यकुलम् गुरुकुलीय अनुशासनपरक पद्धति में विद्यार्थियों का बौद्धिक, शारीरिक, भावनात्मक और भौतिक विकास समान रूप से किया जाता है, ताकि वे राष्ट्रहित में योगदान देने वाले आदर्श नागरिक बन सकें।

पतंजलि कैरियर अकादमी (PCA) — श्रेष्ठता की दिशा में

(PCA) पतंजलि की वह शाखा है, जो विशेष रूप से NEET, JEE एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समर्पित है। यहाँ अनुभवी शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को सटीक रणनीति, टेस्ट सीरीज़, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सतत् मूल्यांकन प्रदान किया जाता है। परिणामस्वरूप, हमारे अनेक छात्र-छात्राएँ आज देश ही नहीं, विदेशों के प्रतिष्ठित संस्थानों में भी चयनित हो चुके हैं।

हमारी शिक्षादृष्टि

हम शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और संस्कार पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हैं। हमारी विशेषता है — वैदिक सनातन संस्कृति और सभ्यता को पुनर्स्थापित करना। इसके लिए हम विद्यालय में विद्यार्थियों को यज्ञ,योग और आयुर्वेद आधारित दिनचर्या, सात्त्विक आहार, और सात्त्विक वातावरण देने का प्रयास करते हैं। हम पूर्ण प्रयास करते हैं कि जब तक विद्यार्थी आचार्यकुलम परिसर में रहे, उसे वर्तमान समय की प्रत्येक बुराई से दूर रखा जा सके — जिससे उनके संस्कार इतने सुदृढ़ और मजबूत हों कि वह समाज की किसी भी तरह की बुराई से स्वयं को बचा सके और अपने आसपास के वातावरण को सकारात्मक बना सके। सफलता के साथ अगर किसी भी व्यक्ति की वाणी, व्यवहार और आचार - विचार भी श्रेष्ठ हों तो उसका कोई सानी नहीं होता , हम इसके लिए भी पूर्ण प्रतिबद्ध रहते हैं ।

हम मानते हैं कि सच्ची शिक्षा वही है जो ज्ञान के साथ संस्कार, कौशल के साथ करुणा, और प्रतियोगिता के साथ चरित्र का विकास करे। आचार्यकुलम और PCA के माध्यम से हम उसी संतुलित शिक्षादर्शन को मूर्त रूप दे रहे हैं।

हम गर्वपूर्वक कह सकते हैं कि-

“हमारे विद्यार्थी केवल अंक नहीं, संस्कारों में भी श्रेष्ठ हैं; केवल प्रतियोगी नहीं, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक हैं।”

हमारा संकल्प है —

“भारत को पुनः ज्ञान, सभ्यता और संस्कृति का विश्वगुरु बनाना।”